भिलाई। हाइटेक सुपरस्पेशालिटी हॉस्पिटल में एक 61 वर्षीय मरीज की रीनल एंजियोप्लास्टी की गई। दरअसल, उनका बीपी कभी भी एकाएक बढ़ जाता था जो किसी भी दवा से नियंत्रण में नहीं आता था। हाइटेक पहुंचने पर उनका सीटी एओर्टोग्राम कराया गया। दरअसल नसों के सिकुड़ने के कारण उनके गुर्दों में रक्त नहीं जा रहा था। रीनल एंजियोप्लास्टी करने के तुरंत बाद उनका बीपी स्वयमेव नियंत्रित हो गया।












