Baital Rani Hill Road

राजनांदगांव। यह कहानी एक ऐसी रानी की है जिसे एक चरवाहे से प्रेम हो गया था। राजा ने उसे उसके प्रेमी के साथ पकड़ लिया और तलवार से उसके तीन टुकड़े कर दिये। तीन टुकड़ों में विभक्त बैतल रानी की प्रतिमा आज एक अस्थाई मंदिर में स्थापित है। पहाड़ी पर उनकी समाधि है। इसके पास ही उनके प्रेमी की समाधि भी नजर आती है। यह पहाड़ी लंबी सर्पीली सड़कों और मनोरम दृश्य के लिए प्रसिद्ध है। इस अंचल को बैतलरानी घाटी भी कहा जाता है।

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