भिलाई। अपना पूरा जीवन स्कूली बच्चों को पढ़ाने के बाद मरणोपरांत अनीता चक्रवर्ती की पार्थिव काया एम्स रायपुर को समर्पित कर दी गई। 85 साल की उम्र में एकाकी जीवन व्यतीत कर रही अनीता चक्रवर्ती ने अपने जीवन के अंतिम डेढ़ साल उम्दा रोड स्थित संजीवनी हॉस्पिटल का एक कक्ष था। आम जनता उनका ख्याल अपने परिवार के सदस्य की तरह रखती रही।












