छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आरएसएस तीन दिनों तक मंथन करेगा. इसमें शिक्षा, सेवा, आर्थिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे शामिल किए जाएंगे. आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में संघ के 36 अनुषांगिक संगठनों के प्रतिनिधि बैठक में अपने कामकाज का प्रजेंटेशन देंगे. संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित पांचों सह-सरकार्यवाह भी बैठक में शामिल होंगे. यह एक अच्छी पहल है कि देश को दिशा देने का दावा करने वाला संगठन पहली बार अपनी जिम्मेदारी को महसूस कर रहा है. काश! उन्होंने यह मंथन 10-15 साल पहले किया होता.












