Rajim Mahanadi

litter turns Mahanadi into a hell hole

फिल्म “राम तेरी गंगा मैली” के इस टाइटल सांग में बात सौ टका खरी कही गई है. नदियों को जीवनदायिनी माना गया है. सभी सभ्यताओं का विकास नदियों के तट पर ही हुआ. पर सभ्यता जब असभ्यता में बदल गई तो नदियों का स्वरूप ही बिगड़ गया. पानी न केवल जीवन धारण के लिए आवश्यक है बल्कि पर्यावरण का भी आवश्यक तत्व है. प्यास बुझाने के साथ ही पानी नहाने, धोने, जलक्रीड़ा करने, खेतों को सींचने और भूमि की नमी को बनाए रखने के लिए भी जरूरी है. यातायात का सबसे सस्ता साधन भी जलमार्ग ही है.

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