दुर्ग. शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशाली महाविद्यालय में हिन्दी विभाग के तत्वावधान में ‘साहित्य और पठनीयता की चुनौती’ विषय पर डॉ उ कनक पाठक (मिरजापुर, उत्तर प्रदेश) का व्याख्यान आयोजित किया गया. इस अवसर पर डॉ उषा कनक पाठक ने कहा कि साहित्य के समक्ष उसकी पठनीयता बड़ी चुनौती है. साहित्य का संबंध सर्वहित से है जो सबके कल्याण के लिए होता है. यह धारा आज भी प्रवाहमान है पर आज स्वसाह्तिय के अध्येता कम होते जा रहे हैं. इसका कारण विषय एवं भाषागत जटिलता बताई जाती है किन्तु यह सही नहीं है.












