Damu Guruji – Dinesh Dixit

Damu-Guruji by Dinesh Dixit

अरविंद ने कहा – गुरुजी आपके प्रकरण का निपटारा मैं अतिशीघ्र करने की कोशिश करूंगा, आप सिर्फ मुझे सारे कागज़ात पढ़ने का समय दीजिए और उसने गुरुजी को चार दिन बाद की तारीख दे दी।
दामू गुरु पशोपेश में थे। अब ये जरूर मेरे किए का बदला लेगा। अपराध भाव से ग्रसित बाहर निकल आए। भारी कदमों से बरामदा पार कर ही रहे थे कि पीछे से आवाज़ आई – गुरुजी ज़रा रुकिए! देखा तो आफिस का अरदली था, बोला – सर आपको साहब ने बुलाए हैं, लंच हो गया है, वे अपने रूम में आपका इंतजार कर रहे हैं।

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