भिलाई। छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ विनय कुमार पाठक का मानना है कि समस्त भारतीय भाषाओं के साथ हिंदी भाषा एवं साहित्य का उत्कर्ष भी निश्चित है। उन्होंने यह बातें विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान, प्रयागराज तथा स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, भिलाई के संयुक्त तत्वावधान में भिलाई में आयोजित संस्थान के 27 वें वार्षिक अधिवेशन के समापन सत्र में कहीं.
डॉ पाठक मुख्य अतिथि के रूप में अपना उदबोधन दे रहे थे. विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्राचार्य डॉ. शहाबुद्दीन नियाज मोहम्मद शेख ने सत्र की अध्यक्षता की. मंच पर संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ ओम प्रकाश त्रिपाठी, सोनभद्र तथा सचिव डॉ. गोकुलेश्वर कुमार द्विवेदी, प्रयागराज की गरिमामयी उपस्थिति थी.












