भिलाई. स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में आईपीआर पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी मे कुलपति डॉ. अरुणा पल्टा ने कहा, “ग्रीस में एक रसोइये को वर्षों पहले मिला था पेटेंट. यह पुराना कांसेप्ट आधुनिक परिप्रेक्ष्य में बौद्धिक संपदा के रूप में उभरकर आया है.” कुलपति महाविद्यालय की आईक्यूएसी, बायोटेक्नालॉजी विभाग व छ.ग. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित था.












