भिलाई। हाइटेक सुपरस्पेशालिटी हॉस्पिटल पहुंची इस किशोरी ने कभी ठोस आहार नहीं लिया था. यहां तक की दवा की गोलियों को भी उसे पीस-घोल कर पिलाना पड़ता था. स्तनपान छोड़ने के बाद से ही वह तरल भोजन पर चल रही थी. जब स्थिति अधिक गंभीर हुई तो स्थानीय चिकित्सकों की सलाह पर उसे हाइटेक लाया गया था.












