0 सिवान से यहां पहुंचा था 62 वर्षीय मरीज
भिलाई। हृदय को रक्त पहुंचाने वाली धमनियों के ब्लाकेज दूर करने के लिए आम तौर पर बलून की मदद ली जाती है. बलून की मदद से रास्ते को चौड़ा कर ब्लाकेज को हटाया जाता है और फिर वहां स्टेंट लगा दिया जाता है. बाइपास सर्जरी के बारे में भी आपने सुना होगा. पर हाइटेक में इस बार एक 62 वर्षीय मरीज की धमनियों की सफाई रोटाब्लेटर से की गई.












