स्वरूपानंद कॉलेज में फ्लोरल अरेंजमेंट एवं बुके मेकिंग पर कार्यशाला

स्वरूपानंद कॉलेज में फ्लोरल अरेंजमेंट एवं बुके मेकिंग पर कार्यशाला

भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा नई शिक्षा नीति के अंतर्गत कौशल विकास पाठ्यक्रम गार्डनिंग एंड फ्लोरीकल्चर के तहत “फ्लोरल अरेंजमेंट एवं बुके मेकिंग” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की संयोजिका एवं वनस्पति विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नीना बागची ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रयोगात्मक एवं उद्यमिता कौशल का विकास करना है। साथ ही गार्डनिंग एवं फ्लोरीकल्चर की मूल अवधारणाओं, फ्लोरल अरेंजमेंट की तकनीकों, उपकरणों तथा उससे जुड़े व्यावहारिक कौशलों की जानकारी प्रदान करना भी इस कार्यशाला का प्रमुख लक्ष्य रहा।
कार्यशाला के विशेषज्ञ अरुण जेना एवं उनकी टीम के सदस्य गौतम दास के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने विभिन्न शैलियों एवं तकनीकों के माध्यम से आकर्षक एवं संतुलित पुष्प सज्जा एवं माला तैयार करने की विधियां सीखीं। श्री जेना ने पुष्प व्यवसाय के विभिन्न पहलुओं—जैसे आदेश प्रबंधन, लागत निर्धारण, समय नियोजन, विपणन एवं व्यवसायिक विश्लेषण के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी, जिससे विद्यार्थी फ्लोरल डिजाइनिंग को एक संभावित कैरियर के रूप में अपनाने हेतु प्रेरित हुए।
श्री शंकराचार्य शैक्षणिक परिसर, हुडको के निदेशक डॉ. दीपक शर्मा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत कौशल विकास की दिशा में यह एक सराहनीय प्रयास है, जिससे विद्यार्थियों को निश्चित रूप से लाभ प्राप्त होगा। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए फ्लैट, बास्केट एवं बंच गुलदस्तों का अवलोकन करते हुए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को साइप्रस, साइकस, पाम आदि वनस्पतियों तथा विभिन्न दुर्लभ पुष्पों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए अपने रचनात्मक कौशल को करियर में परिवर्तित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया। बीएससी द्वितीय सेमेस्टर की छात्राओं जूडिथ एवं चंचल नाग ने पुष्प व्यवसाय आरंभ करने के लिए आवश्यक बिंदुओं तथा लाभ-हानि से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञ द्वारा संतोषजनक उत्तर दिया गया।
इस आयोजन में बीबीए चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों तुषार चक्रबोर्टी, आर्याव स्वामी, कुनाल फुलवानी, राज जंघेल, जयदीप तथा बीसीए के छात्र अमन दत्ता का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय परिवार की ओर से प्रशिक्षक श्री अरुण जेना को स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नीना बागची द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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