भारत मेंजवान किडनियों पर किडनी स्टोन का हमला, जिम्मेदार कौन?

भारत में जवान किडनियों पर किडनी स्टोन का हमला, जिम्मेदार कौन?

किडनी स्टोन की समस्या काफी आम हो गई है और भारत में यह जवान व कम उम्र के वयस्कों में काफी ज्यादा देखी जा रही है। इसके पीछे लाइफस्टाइल, अत्यधिक गर्मी और कुछ चीजों का सेवन हो सकता है। गुर्दे की पथरी की संभावना बढ़ाने वाले सभी फैक्टर्स के बारे में इस आर्टिकल के अंदर जानते हैं।
किडनी स्टोन के मरीजों में 20 साल से 40 साल की उम्र के लोगों की तादाद तेजी से बढ़ जा रही है। पहले यह समस्या बुजुर्गों में ज्यादा देखी जाती थी। युवा आबादी में किडनी स्टोन का यह बढ़ता हुआ पैटर्न आकस्मिक नहीं है, बल्कि इसके पीछे मैं अत्यधिक गर्मी, डिहाइड्रेशन, खाने की गलत आदतें और कई सारे अन्य फैक्टर्स होते हैं।

अत्यधिक गर्मी वाले महीनों में किडनी स्टोन के 20 से 40 साल के मरीजों की संख्या 30-40 प्रतिशत बढ़ जाती है। नौकरी करने वाले, कॉलेज जाने वाले, जिम जाने वाले और किशोरों में गुर्दे की पथरी के कारण होने वाले पेट दर्द, पेशाब में जलन और बार-बार यूरीन इंफेक्शन जैसे लक्षण बढ़ जाते हैं।

हीटवेव और डिहाइड्रेशन का प्रभाव
किडनी स्टोन के मामले बढ़ने की एक वजह भारत में बढ़ता हुआ तापमान व गर्मी है। गर्मी में पसीना ज्यादा निकलने की वजह से शरीर से काफी मात्रा में फ्लूइड निकलता है। जिस वजह से यूरिन कंसंट्रेटेड हो जाता है और कैल्शियम, ऑक्सालेट और यूरिक एसिड के क्रिस्टल बनने का खतरा बढ़ जाता है।

घर से बाहर ज्यादा समय बिताने के कारण पर्याप्त पानी नहीं पी पाते। एयर कंडीशनर वाली जगहों पर काम करने के कारण लोगों को प्यास भी कम लगती है और पानी का सेवन कम हो जाता है। चुपचाप होने वाली इस डिहाइड्रेशन की वजह से किडनी स्टोन का प्रोडक्शन बढ़ जाता है। यूरिन का उत्पादन कम होने की वजह से पथरी बनाने वाले साल्ट का लेवल शरीर में बढ़ जाता है।

प्रोसेस्ड फूड और फास्ट फूड
प्रोसेस्ड और फास्ट फूड वाली लाइफस्टाइल आपकी किडनी हेल्थ को भी खराब करती है। पिछले 10 सालों में भारतीय युवाओं की खाने की आदतों में तेजी से बदलाव आया है। इंस्टेंट नूडल्स, पैकेज्ड फूड, क्विक फूड, शुगरी ड्रिंक्स, प्रोसेस्ड स्नैक और ज्यादा नमक वाली मील लेना काफी आम हो गया है।

इन मील के अंदर सोडियम, बैड फैट्स, प्रीजर्वेटिव और एडिटिव्स की अधिक मात्रा होती है, जो किडनी पर दबाव डालती है। ज्यादा नमक लेने से शरीर ज्यादा मात्रा में कैल्शियम को यूरिन में छोड़ता है, जो पथरी का कारण बन सकता है। इसी तरह फिज वाली ड्रिंक्स और शुगरी ड्रिंक्स डिहाइड्रेशन करती हैं और शरीर के मिनरल बैलेंस को बिगाड़ देती हैं। किडनी हेल्थ को सपोर्ट करने वाले फल, फाइबर और नेचुरल फ्लूइड का सेवन कम हो गया है।

जिम सप्लीमेंट और हाई प्रोटीन मील
मसल्स बिल्डिंग सप्लीमेंट और हाई प्रोटीन मील के साथ घंटों बैठकर काम करना भी एक बड़ा खतरा है। कई सारे जवान लोग डॉक्टर की सलाह के बिना रेड मीट, प्रोटीन पाउडर और सप्लीमेंट लेने लगे हैं। शरीर को प्रोटीन की जरूरत होती है, लेकिन इसकी अत्यधिक मात्रा किडनी पर दबाव और यूरिक एसिड का उत्पादन बढ़ाती है। इसके साथ अधूरा हाइड्रेशन और कैल्शियम, विटामिन डी व क्रिएटिन से भरे विभिन्न सप्लीमेंट्स पथरी का खतरा बढ़ाते हैं।

सेडेंट्री लाइफस्टाइल भी खतरा
घंटों बैठकर काम करना, फिजिकल एक्टिविटी में कमी, अपर्याप्त नींद और तनाव को भी गुर्दे की पथरी से जोड़कर देखा गया है। ऐसी सेडेंट्री लाइफस्टाइल मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ती है और मोटापे, इंसुलिन रेजिस्टेंस और खाने की खराब आदतों को बढ़ा सकती है, जिससे पथरी का खतरा बढ़ता है।

कई जवान लोग हेल्दी खाना नहीं खाते, बहुत कम पानी पीते हैं और एनर्जी के लिए कॉफी पर निर्भर हैं। अगर चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक का अत्यधिक सेवन पर्याप्त पानी ना पिए किया जाए तो डिहाइड्रेशन बढ़ा सकता है।

लक्षणों को नजरअंदाज न करें
आम तौर पर लोग किडनी स्टोन के संकेतों को पेट या यूरिनरी समस्या से जोड़कर देखते हैं और इस वजह से सही इलाज मिलने में देरी हो जाती है या फिर इलाज मिलता ही नहीं है। इलाज ना करने पर बड़ी साइज की पथरी या इनका यूरिनरी ट्रैक्ट में किसी दूसरी जगह जाना गंभीर दर्द, उल्टी, पेशाब में खून या यूरिनरी ट्रैक्ट में बाधा का कारण बन सकता है। इसके अलावा, बार-बार किडनी स्टोन होना किडनी की हेल्थ के लिए काफी नुकसानदायक है।

अच्छी बात यह है कि रोजमर्रा के रुटीन को हेल्दी बनाकर अधिकतर लोग किडनी स्टोन की दिक्कत से बच सकते हैं। इससे बचाव करने के लिए पर्याप्त मात्रा में हाइड्रेशन लेना सबसे बढ़िया तरीका है। एक्सपर्ट पेशाब को साफ या हल्का पीला रखने के लिए दिनभर में पर्याप्त पानी पीने की सलाह देते हैं, खासतौर से गर्मी में इस सलाह को जरूर फॉलो करना चाहिए। पथरी के खतरे को कम करने के लिए जंक फूड, प्रोसेस्ड मीट, अत्यधिक नमक और शुगरी ड्रिंक्स से भी बचना चाहिए। किडनी हेल्थ को सही रखने और मिनरल बैलेंस बनाने के लिए फल, सब्जियां और नेचुरल फ्लूइड से भरी डाइट लें।

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