डायबिटीज के लिए Metformin शुरू करने से पहले जरूर करवा लें ये टेस्ट
डायबिटीज के मरीजों में शुगर लेवल कंट्रोल करने के तिए अक्सर मेटफॉर्मिन (Metformin) दिया जाता है। दुनियाभर में करोड़ों लोग ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। यह दवा शरीर में इंसुलिन की कार्यक्षमता बढ़ाने, और ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद करती है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि मेटफॉर्मिन शुरू करने से पहले एक जरूरी जांच करानी चाहिए।

aajtak.in ने एम्स (AIIMS) के एंडोक्राइनोलॉजीिस्ट डॉ. राजेश खड़गावत के हवाले से बताया कि मेटफॉर्मिन सबसे सुरक्षित दवाओं में से एक है। लेकिन इस दवा को खाने से पहले डायबिटीज के मरीजों को अपनी किडनी की क्षमता के बारे में पता जरूर होना चाहिए। अगर किसी मरीज की किडनी ठीक से काम नहीं कर रही है, तो यह दवा शरीर में जमा हो सकती है और कई समस्याओं का कारण बन सकती है।
मेटफॉर्मिन शरीर में जमा होने पर लैक्टिक एसिडोसिस का खतरा बढ़ सकता है, यह एक मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें शरीर में लैक्टिक एसिड का लेवल बहुत बढ़ जाता है। इसमें तुरंत इलाज की जरूरत होती है। यही कारण है कि मेटफॉर्मिन शुरू करने से पहले किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) करा लेना चाहिए। इसमें खास तौर पर सीरम क्रिएटिनिन और eGFR कराएं तो बेहतर है। अगर eGFR नॉर्मल है, तो मरीज मेटफॉर्मिन ले सकते हैं। अगर नहीं है तो डॉक्टर की सलाह पर कोई दूसरी दवा शुरू कर सकते हैं।
डॉ राजेश कहते हैं कि अगर मरीज की किडनी सामान्य रूप से काम कर रही है, तो मेटफॉर्मिन डायबिटीज के इलाज की सबसे भरोसेमंद दवाओं में से एक है। डायबिटीज के इलाज से जुड़ी सभी बड़ी संस्था इसी दवा को बेस्ट मानती हैं। यह दवा ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखती है और इसके शरीर पर कोई बड़े साइड इफेक्ट भी नहीं होते हैं। यह किसी अंग को नुकसान भी नहीं करती है।
मेटफॉर्मिन ओवर द काउंटर मिलने वाली दवा है, लेकिन इसको कभी भी डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए.।अगर आपका शुगर लेवल बढ़ा हुआ है तो ही डॉक्टर की सलाह पर इसको लें। साथ ही, ब्लड शुगर, HbA1c और किडनी की जांच समय-समय पर कराते रहें।
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