टीबी मुक्त भारत के लिए ग्राम चिचा में एनसीसी कैडेट्स ने चलाया अभियान
भिलाई। 37 CG BN एवं श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भिलाई के संयुक्त तत्वाधान में एनसीसी कैडेट्स द्वारा ब्लॉक धमधा के ग्राम चिचा में टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को क्षय रोग (टीबी) के लक्षण, कारण, बचाव, जांच, उपचार तथा सरकार द्वारा उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति जागरूक करना था।
एनसीसी कैडेट्स ने ग्रामीणों के बीच भाषण, नुक्कड़ नाटक, स्ट्रीट प्ले एवं जागरूकता रैली के माध्यम से टीबी के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। कैडेट्स ने अपने प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक के माध्यम से टीबी से जुड़ी भ्रांतियों एवं सामाजिक भेदभाव को दूर करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि टीबी कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, बल्कि समय पर जांच और नियमित उपचार से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
कैडेट्स ने ग्रामीणों को बताया कि दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक लगातार खांसी रहना, बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना, भूख में कमी, कमजोरी तथा कभी-कभी खांसी के साथ खून आना जैसे लक्षण दिखाई देने पर व्यक्ति को तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवानी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि बीमारी के लक्षणों को छिपाने या घरेलू उपचार तक सीमित रहने के बजाय समय पर चिकित्सकीय सलाह लें।
कैडेट्स ने समझाया कि टीबी की रोकथाम में स्वच्छता, पौष्टिक आहार, पर्याप्त वेंटिलेशन, खांसते एवं छींकते समय सावधानी तथा समय पर जांच की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को टीबी के प्रति जागरूक रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया।
श्री शंकराचार्य महाविद्यालय UTD OF SSPU की प्राचार्य डॉ. अर्चना झा ने कहा कि “टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। एनसीसी कैडेट्स द्वारा ग्राम स्तर पर जाकर लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करना अत्यंत सराहनीय पहल है। युवा शक्ति समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखती है।
महाविद्यालय के एकेडमिक डीन डॉ. जे. दुर्गा प्रसाद राव ने कहा कि “स्वस्थ समाज ही सशक्त राष्ट्र का आधार है। टीबी जैसी बीमारी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। एनसीसी कैडेट्स ने जो संदेश दिया है, वह सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है। “युवाओं में सेवा, अनुशासन और नेतृत्व की भावना विकसित करना एनसीसी का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। इस प्रकार के सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से कैडेट्स न केवल स्वयं जागरूक होते हैं, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
कार्यक्रम का आयोजन एनसीसी अधिकारी कैप्टन डॉ के जे मंडल, कैप्टन डॉ. उज्ज्वला भोंसले के मार्गदर्शन में एनसीसी कैडेट्स द्वारा किया गया। कैडेट्स ने पूरे उत्साह एवं अनुशासन के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की तथा ग्रामीणों को टीबी के प्रति जागरूक करते हुए टीबी मुक्त भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने टीबी के प्रति जागरूक रहने, बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न करने तथा जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
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