सुनीता के रियल टाइम मॉडल ने बदला पढ़़ने का तरीका, राष्ट्रपति से मिला सम्मान
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के खिवरी प्राथमिक स्कूल की गणित की कक्षा आम स्कूलों से बिल्कुल अलग है। यहां बच्चे किताबों के सवाल हल करने के बजाय दुकानदार और ग्राहक बनकर आते हैं और शुरू हो जाता है खरीद-बिक्री का खेल। इस अनूठे खेल के जरिए बच्चे रुपये गिनना, जोड़ना-घटाना, हिसाब लगाना, लाभ-हानि समझना और गणितीय संक्रियाओं का आसानी से इस्तेमाल करना सीखते हैं।
प्राथमिक शिक्षा को किताब, ब्लैकबोर्ड और कक्षा की चारदीवारी से निकालकर रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ने वाली इस अनूठी पहल का श्रेय शिक्षिका सुनीता यादव को जाता है। उनके इस नवाचारी शिक्षण और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए उल्लेखनीय योगदान को अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया है।
सुनीता यादव ने अंग्रेजी, संख्या ज्ञान, गणितीय संक्रियाओं व भाषा-अभिव्यक्ति के विकास के लिए गतिविधि और अनुभव आधारित शिक्षण पद्धति को अपनाया है। इससे प्रत्येक बच्चे को अपनी क्षमता दिखाने का पूरा अवसर मिलता है। इसके अलावा, तकनीक को भी बच्चों के लिए सहज सीखने का माध्यम बनाया गया है। विषयों को सरल तरीके से समझाने के लिए लघु फिल्में तैयार की जाती हैं, जिनमें बच्चे और शिक्षक स्वयं अभिनय करते हैं। पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है, जिसके तहत नियमित रूप से दूध वितरण की व्यवस्था की जाती है।
जब सुनीता ने खिवरी स्कूल में जिम्मेदारी संभाली थी, तब वहां बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी। उन्होंने जनसमुदाय को जोड़कर इस स्थिति को बदला। उनके प्रयासों से स्कूल में रैंप, शौचालय, पौधारोपण और सुंदरीकरण का कार्य हुआ। जनसहयोग से बच्चों के लिए जूता-मोजा, टाई-बेल्ट, बैग, पानी की बोतल, स्टेशनरी, स्वेटर और अन्य शैक्षणिक सामग्री की व्यवस्था कराई गई। कोरोना महामारी के दौरान लैपटॉप जुटाकर बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई लगातार जारी रखने का प्रबंध भी किया गया था।
छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूलों में फरवरी 2024 से ‘न्योता भोजन’ की शुरुआत की थी, जिसकी मूल पहल का श्रेय भी शिक्षिका सुनीता यादव को जाता है। उन्होंने अपनी सहयोगी शिक्षिका कुसुम साहू के साथ मिलकर तीन अगस्त 2021 को अपनी जन्मतिथि पर इसकी शुरुआत की थी। अब तक खिवरी स्कूल में 300 से अधिक न्योता भोजन के आयोजन हो चुके हैं, जिसके तहत कोई भी व्यक्ति विशेष अवसरों पर बच्चों को विशेष पकवान खिला सकता है।
शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण, शिक्षादूत सम्मान, राज्य शिक्षक सम्मान और डा. मुकुटधर पांडे स्मृति पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। स्कूल के स्मार्ट लैब में पढ़ाई के साथ-साथ बच्चे अब मोबाइल तकनीक के जरिए शॉर्ट मूवी, पॉडकास्ट और ग्राउंड रिपोर्टिंग जैसी गतिविधियां भी सीख रहे हैं।
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