स्टेशन के बाहर खुली सड़क पर महिला ने दिया जुड़वां बच्चों को जन्म
अमेठी। यूपी के अमेठी रेलवे स्टेशन के बाहर मंगलवार शाम एक अनोखा और भावुक कर देने वाला वाकया सामने आया। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस से वाराणसी से लौट रही एक गर्भवती महिला को स्टेशन से बाहर निकलते ही अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। अस्पताल पहुंचने का समय न होने पर राहगीरों और स्थानीय लोगों ने मानवता की मिसाल पेश की। लोगों ने चारों तरफ बड़ी पन्नी का घेरा बनाकर अस्थायी ‘प्रसव कक्ष’ तैयार किया, जहां महिला ने दो स्वस्थ जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया।
जानकारी के अनुसार, अमेठी के अमहिया (परसावां) निवासी ज्योति अपने पति सूरज बनवासी के साथ दोना-पत्तल बनाने और बेचने का काम करती हैं। दंपती सोमवार रात अपने कारोबार के सिलसिले में वाराणसी गए थे। मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे वे काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस से अमेठी स्टेशन पहुंचे। स्टेशन से बाहर निकलकर घर की तरफ बढ़ते ही ज्योति को असहनीय प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।
पत्नी को तड़पता देख पति सूरज ने आसपास के लोगों से मदद की गुहार लगाई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने तुरंत फैसला लिया। उन्होंने बड़ी पन्नी का इस्तेमाल कर सड़क किनारे ही एक घेरा बनाया और महिला को सुरक्षित ढका। इसी अस्थायी घेरे में ज्योति ने एक के बाद एक दो जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया।
घटना के तुरंत बाद सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस मौके पर पहुंची और जच्चा-बच्चा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद तीनों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
मामले पर जानकारी देते हुए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO) डॉ. पीके उपाध्याय ने बताया कि मां और दोनों नवजात बच्चियां पूरी तरह से स्वस्थ हैं और उन्हें डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया है। स्थानीय लोगों की इस तत्परता और संवेदनशीलता की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।
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