CBI ने खोला सिमबॉक्स नेटवर्क राज, ऐसे हो रहा है 'डिजिटल अरेस्ट' का खेल

CBI ने खोला सिमबॉक्स नेटवर्क राज, ऐसे हो रहा है ‘डिजिटल अरेस्ट’ का खेल

नई दिल्ली। आपने मोबाइल सिम लेते समय अपना फिंगरप्रिंट दिया और सोचा कि काम खत्म हो गया। लेकिन यही बायोमीट्रिक डेटा अगर गलत हाथों में पहुंच जाए तो आपके नाम पर आपकी जानकारी के बिना दूसरा सिम भी जारी हो सकता है। बिहार से सामने आए एक बड़े सिमबॉक्स नेटवर्क ने इस खतरे की गंभीर तस्वीर सामने रखी है।

NBT की खबर के अनुसार सिम बॉक्स एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जिसमें एक साथ दर्जनों या सैकड़ों सिम कार्ड लगाकर विदेशी कॉल्स और संदेशों को स्थानीय कॉल्स के रूप में आगे बढ़ाया जाता है। CBI ने अवैध सिम की सप्लाई के आरोप में एयरटेल के एक एरिया डिस्ट्रीब्यूटर को गिरफ्तार किया है। जांच में 1300 से ज्यादा सिमकार्ड और देशभर के 73 साइबर क्राइम मामलों के बीच लिंक मिला है। इनमें ‘डिजिटल अरेस्ट’ वाली ठगी भी शामिल है।

CBI के मुताबिक, मामला बिहार के सुपौल में पिछले साल पकड़े गए एक अवैध सिमबॉक्स ऑपरेशन से शुरू हुआ। जिस ठिकाने से नेटवर्क का पता चला, वहां 1300 से ज्यादा सिम मिले। इन नंबरों का डेटा खंगालने पर बड़ी संख्या में सिम बिहार और ओडिशा के अलग-अलग पॉइंट ऑफ सेल (PoS) से जारी होने का पता चला। इसके बाद जांच वैशाली तक पहुंची, जहां एयरटेल के एक एरिया डिस्ट्रीब्यूटर पर शक गया। जांच में आरोप है कि डिस्ट्रीब्यूटर ने कई PoS के क्रेडेंशियल का कथित दुरुपयोग कर 700 से ज्यादा सिम जारी किए। कई ग्राहक ऐसे भी मिले, जिन्होंने एजेंसी को बताया कि उन्हें पता ही नहीं था कि उनके नाम पर सिम जारी हुआ है। CBI को शक है कि कहीं-कहीं ग्राहक से असली काम के दौरान एक से ज्यादा बार e-KYC की मंजूरी ली गई, जबकि कुछ मामलों में पहले से लिए गए बायोमीट्रिक डेटा के दुरुपयोग की आशंका है।
SIM जारी करने की प्रक्रिया में ग्राहक की पहचान और बायोमीट्रिक सत्यापन अहम हिस्सा है। बायोमीट्रिक ऑथेंटिकेशन ग्राहक की सहमति और पहचान सत्यापन से जुड़ा है। ऐसे में अगर कोई एजेंट ग्राहक की मौजूदगी और जानकारी का गलत इस्तेमाल करे या e-KYC प्रक्रिया में हेराफेरी करे, तो रिकॉर्ड में SIM वैध ग्राहक के नाम पर दिख सकता है, जबकि उसे कोई दूसरा शख्स इस्तेमाल कर रहा हो सकता है। अपना मोबाइल नंबर, आधार/ e-KYC और बायोमीट्रिक जानकारी देते समय सावधानी बेहद जरूरी है।

#simbox_network #digital_arrest

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *