श्रीशंकराचार्य महाविद्यालय में विश्व खाद्य दिवस पर ‘फूडप्रेन्योर चैलेंज’
भिलाई. श्री शंकराचार्य महाविद्यालय के सूक्ष्मजीवविज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स सोसाइटी ऑफ इंडिया के सहयोग से विश्व खाद्य दिवस 2026 के अवसर पर ‘फूडप्रेन्योर चैलेंज’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में खाद्य नवाचार, उद्यमिता, पोषण संबंधी जागरूकता तथा स्वरोजगार की भावना को प्रोत्साहित करना था। इस अवसर पर महाविद्यालय के अनेक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने रचनात्मक खाद्य उत्पादों एवं नवीन विचारों का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की थीम “कुक, क्रिएट, सेल एंड अर्न” रहा। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को स्वस्थ एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों, मिलेट एवं पारंपरिक व्यंजनों, क्षेत्रीय व्यंजनों, स्वस्थ पेय पदार्थों, प्रोटीन-युक्त खाद्य पदार्थों, बेक्ड एवं नो-बेक उत्पादों, नवाचारपूर्ण फ्यूजन फूड तथा सतत विकास एवं शून्य-अपशिष्ट खाद्य अवधारणाओं पर आधारित उत्पाद प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए एक छात्र खाद्य बाजार एवं खाद्य नवाचार प्रतियोगिता के रूप में उपयोगी मंच सिद्ध हुआ। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने, टीम भावना विकसित करने, व्यावहारिक कौशल सीखने तथा खाद्य उत्पादों के माध्यम से स्वरोजगार की संभावनाओं को समझने का अवसर प्रदान किया। साथ ही, इस आयोजन ने स्वस्थ भोजन, पारंपरिक खाद्य संस्कृति और शून्य-अपशिष्ट की अवधारणा को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
इस अवसर पर श्रीमती रेणु गुप्ता, महाप्रबंधक, सतर्कता विभाग, भिलाई इस्पात संयंत्र, श्री संजय कुमार, महाप्रबंधक, भिलाई इस्पात संयंत्र, तथा श्री अंशुमान सिंह, उप महाप्रबंधक, सतर्कता विभाग, भिलाई इस्पात संयंत्र की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उन्होंने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, स्वच्छ एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों के निर्माण के साथ-साथ उद्यमिता के क्षेत्र में नए अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अर्चना झा ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, रचनात्मक सोच विकसित करने तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
महाविद्यालय के डीन अकादमिक डॉ. जे. दुर्गा प्रसाद राव ने कार्यक्रम को विद्यार्थियों के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता को बढ़ावा देने की एक सराहनीय पहल बताते हुए खाद्य नवाचार, पोषण और पर्यावरण-अनुकूल खाद्य उत्पादन के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का समन्वय सूक्ष्मजीवविज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग की विभागाध्यक्ष सुश्री रचना तिवारी, सहायक प्राध्यापक सुश्री वैभवी सहारे एवं सुश्री मानसी बुट्टे द्वारा किया गया। आयोजकों ने विद्यार्थियों को खाद्य सुरक्षा, पोषण, सतत खाद्य प्रणालियों तथा खाद्य उद्यमिता के महत्व से अवगत कराया। विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को उत्साहपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक बनाया।
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