एक करोड़ की बिकती है भारत की टोके गेको छिपकली, 86 बरामद
गुवाहाटी। DRI ने असम के मारियानी में बड़ी कार्रवाई की। बंदर चालिया गांव ग्राउंड पर दो लोगों को रोका। उनकी तलाशी ली गई तो टीम के होश उड़ गए। तस्करों के पास से 86 जिंदा टोके गेको मिली। टोके गेको एक छिपकली होती है। यह भारत के पूर्वोत्तर इलाकों में पाई जाती है। कई लुप्तप्राय जंगली जीवों की तस्करी की तरह ही टेको गेको की भी तस्करी होती है। चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के अवैध बाजारों में इसकी कीमत बहुत ज्यादा, लगभग एक करोड़ होती है।
इस ऑपरेशन के दौरान डीआरआई ने तस्करों के पास से 86 जिंदा टोके गेको (एक लुप्तप्राय वन्यजीव प्रजाति) बरामद किए गए और उन्हें वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के तहत ज़ब्त कर लिया गया।टोके गेको को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I और CITES के परिशिष्ट-II में शामिल किया गया है, जो इसके अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नियंत्रित करता है। पकड़े गए दोनों व्यक्तियों को, बरामद जिंदा टोके गेको के साथ असम के मारियानी रेंज वन कार्यालय को सौंप दिया गया। उनके खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सके।
टोके गेको के निर्यात पर रोक है क्योंकि इसे ‘वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972’ के तहत गंभीर रूप से लुप्तप्राय श्रेणी में रखा गया है। 2018 में, असम सरकार ने भी इस प्रजाति और ‘असमिया डे गेको’ (Assamese Day Gecko) को खतरे में पड़ी प्रजातियों की नई सूची में शामिल किया था।
#Assamese_Tokay_Gecko












