बुलेट ट्रेन परियोजना में पहली बार J-स्लैब बैलेस्टलेस ट्रैक सिस्टम का उपयोग
मुंबई। मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में जापानी शिंकानसेन ट्रैक प्रणाली पर आधारित J-स्लैब बैलेस्टलेस ट्रैक सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। इस सिस्टम को भारत में पहली बार अपनाया जा रहा है। यह ट्रैक प्रणाली चार मुख्य घटकों से मिलकर बनी है। इसमे आरसी ट्रैक बेड, सीमेंट एस्फाल्ट मोर्टार (CAM), प्रीकास्ट ट्रैक स्लैब तथा फास्टनर्स सहित रेल। इन J-स्लैब के निर्माण के लिए दो अत्याधुनिक ट्रैक स्लैब मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी (TSMF) गुजरात में स्थापित की गई हैं।
नवभारत टाइम्स में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार ट्रैक निर्माण कार्य को सुगम बनाने के लिए समर्पित ट्रैक कंस्ट्रक्शन बेस (TCB) स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में 10 ट्रैक कंस्ट्रक्शन बेस कार्यरत है, जिनमें से 4 सूरत–बिलिमोरा–वापी खंड के बीच तथा 6 वडोदरा–आनंद–अहमदाबाद खंड के बीच स्थित हैं। ट्रैक इंस्टॉलेशन की पूरी प्रक्रिया अत्याधुनिक मशीनरी के माध्यम से पूर्णतः मेकेनाइज़्ड है, जिसे विशेष रूप से जापानी निर्माण तरीके के अनुसार डिज़ाइन और निर्मित किया गया है (इनमें से अधिकांश भारत में निर्मित हैं)।
बुलेट ट्रेन के काम की प्रगति
508 कीमी में से 347 कीमी वायडक्ट और 439 कीमी पियर का काम पूरा हो चुका है
17 रिवर ब्रिज, 05 PSC (प्री स्ट्रेस्ड कंक्रीट) और 13 स्टील ब्रिज पूरे हो चुके हैं
286 किमी हिस्से में 5.7 लाख से ज़्यादा नॉइज़ बैरियर लगाए गए हैं
आरसी ट्रैक बेड का 370 ट्रैक कीमी (185 रूट कीमी) कंस्ट्रक्शन पूरा हो चुका है
लगभग 7400 से ज़्यादा OHE मास्ट लगाए गए हैं। मेनलाइन वायडक्ट का 176 कीमी का रूट
सूरत और अहमदाबाद में रोलिंग स्टॉक डिपो का कंस्ट्रक्शन चल रहा है
गुजरात के सभी स्टेशनों पर सुपरस्ट्रक्चर का काम एडवांस स्टेज पर है
तीनों एलिवेटेड स्टेशनों पर काम शुरू हो गया है और महाराष्ट्र में मुंबई अंडरग्राउंड स्टेशन पर स्लैब कास्टिंग का काम चल रहा है
महाराष्ट्र के पालघर जिले में सात (07) माउंटेन टनल में से दो (02) माउंटेन टनल में सफलता मिली
BKC और शिलफाटा (महाराष्ट्र में) के बीच 21 कीमी टनल में से 5 की NATM टनल की खुदाई हो चुकी है।
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