भिलाई। लब्धप्रतिष्ठ संस्था ‘स्वयंसिद्धा’ की सखियां इन दिनों रंगमंच की बारीकियां सीख रही हैं। रंगमंच के नियम जीवन को भी प्रभावित करते हैं। रंगमंच पर आप अपने प्रत्येक साथी को बराबर का मौका देना सीखते हैं, सहयोग, समर्पण, परस्पर सम्मान और धैर्य जैसे गुणों को निखारते हैं। इन्हें थिएटर निर्देशक शिवदास घोड़के प्रशिक्षण दे रहे हैं। स्वयंसिद्धा विवाहित महिलाओं की एक ऐसी संस्था है जो परिवार की जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के बाद थोड़ा वक्त अपने लिए निकालकर स्वयं को तलाशती हैं। गीत-संगीत, नृत्य-नृत्यनायिका और नाटकों के जरिए समाज को संदेश देती हैं। स्वयंसिद्धा अभियान की सूत्रधार सोनाली चक्रवर्ती का मानना है कि इससे महिलाओं में आत्मसम्मान और आत्मविश्वास का विकास होता है जिससे परिवार को भी ऊर्जा मिलती है।












