भिलाई। हृदयाघात से होने वाली मौतों में लगातार इजाफा हो रहा है। 1990 से पिछले वर्ष के बीच हृदयाघात से मरने वालों की संख्या में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है। इस बीच युवाओं में हृदय रोगों की दर बढ़ी है। अफसोस यह है कि इनमें से अधिकांश रोगियों की जान बचाई जा सकती थी। उक्त जानकारी हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ विवेक दशोरे ने दी। 38/10 नेहरू नगर वेस्ट, केपीएस के सामने, पंजाब बैंक के ऊपर स्थित न्यूलाइफ हार्ट, विमेन एंड चाइल्ड केयर क्लिनिक के संचालक डॉ विवेक दशोरे, एमडी कार्डियोलॉजी ने बताया कि जागरूकता का अभाव, सही हेल्थ पॉलिसी का न होना, प्रायमरी एवं सेकण्डरी प्रिवेन्शन प्रोग्राम का न होना इसका मुख्य कारण है।












