Gobar-Gamla

Self Help Group makes good earning from Cow-dung pots

बेमेतरा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) अन्तर्गत विकासखण्ड साजा जिला बेमेतरा के ग्राम पंचायत टिपनी के जय महामाया महिला स्व-सहायता समूह गोबर गमला बना रही हैं। इसमें कच्चे माल के रूप मे गोबर, पीली मिट्टी, चूना, भूसा इत्यादि का उपयोग किया जाता है। नर्सरी में अगर इसमें पौधे लगाए जाते हैं तो उन्हें बिना निकाले गमला सहित रोपा जा सकता है। गमला स्वयं खाद के रूप में उपयोग में आ जाता है। महिला स्व सहायता समूह ने 1200 गोबर गमले बेचकर 18 हजार रुपए की आमदनी की है।

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