भिलाई। देसी केंचुआ गोबर नहीं खाता। न ताजा न सूखा हुआ। इसलिए छत्तीसगढ़ के गोठानों में गोबर खाद बनाने के लिए ऑस्ट्रेलियाई केंचुओं का इस्तेमाल किया जाता है। ताजा गोबर में ये भी मर जाते हैं इसलिए इन्हें बासी गोबर में डाला जाता है। यह जानकारी एमजे कालेज के वाणिज्य एवं प्रबंधन के विद्यार्थियों को शहरी गोठान में मिली।












