भिलाई। प्रख्यात भाषाविद एवं वरिष्ठ शिक्षाविद आचार्य डॉ महेशचंद्र शर्मा का मानना है कि शिक्षक का दायित्व न केवल चुनौतीपूर्ण है बल्कि यह एक विशाल क्षेत्र है। न तो शिक्षा दान कभी पूर्ण होती है और न ही शिक्षा ग्रहण करने पर कभी विराम लगता है। इसके उदाहरण पौराणिक गाथाओं में भी विस्तार से मिलते हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षक और प्रभावशाली होने के लिए पाठ्यक्रम से बाहर निकलकर शिक्षा को आजीविका तथा अध्यावसाय से भी जोड़ना होगा। तभी उसकी चेष्टाएं सफल हो पाएंगी।












