छठ महापर्व पर छठीमाता के प्रति श्रद्धा और भक्ति देखते ही बनती है. संस्कारधानी बिलासपुर आस्था का महासंगम है. यहां का तोरवा छठघाट पूरे देश में प्रसिद्ध है. यहां प्रतिवर्ष 50 हजार से अधिक श्रद्धालु उदीयमान और अस्ताचल सूर्यदेव को अर्घ्य देते हैं. अरपा नदी के इस घाट पर चार दिनों तक मेले जैसा माहौल होता है. तोरवा छठघाट को देश का दूसरा सबसे बड़ा छठघाट माना जाता है.
सूर्यषष्ठी पर्व पर संस्कारधानी पारंपरिक छठगीतों से गूंज उठती है. बिहार, झारखंड व उत्तर प्रदेश की तर्ज पर ही यह पर्व यहां भी मनाया जाता है.












