10) कल्कि अवतार – हिंदू मान्यताओं के अनुसार अभी कलयुग चल रहा है लेकिन कल्कि अवतार हुआ नहीं है। पर नाट्य कलाकारों के दशावतार में कल्कि संस्करण उपलब्ध हो गया है। आधुनिक कल्कि अवतार कलाकार को सब कुछ तुरंत (instant) चाहिए, श्रद्धा और सबूरी उसमें है ही नहीं। वो एक नाटक में काम करके सब कुछ हासिल कर लेना चाहता है। उसे एक नाटक में काम करके गाना, बजाना, अभिनय, नृत्य सबमें महारत हासिल करके मुंबई जाकर सलमान और शाहरुख बन जाना है। ऊसके लिए नाट्य कला महज़ संवाद अदायगी ही है।












