अंबिकापुर. कभी वीरान रही मड़वा पहाड़ी पर अब हजारों की संख्या में वृक्ष नजर आते हैं. इन सभी वृक्षों के नाम स्कूली विद्यार्थियों के नाम पर रखे गए हैं. सौरभ कुमार, वीरेन्द्र प्रताप, अमित कुमार, सुमित, मठारू, रश्मि कुमारी, रजनी, अवनी, स्नेहा, दुलारी – सब के सब मानो यहीं खड़े हैं वृक्षों को अपने सीने से लगाए. उन्हें पता है कि धरती पर इंसान भी तभी तक है जब तक पर्याप्त मात्रा में हरियाली है. अब सरकार यहां चाय और काजू की खेती करवाने जा रही है.












