नगरी। नदियां धरती पर जीवन का आधार हैं। भारत में नदियों को माता की संज्ञा दी गई है। प्रत्येक नदी न केवल किसी न किसी सभ्यता का उद्गम है बल्कि इससे जुड़ी कथाएं और मान्यताएं भी बेहद प्रेरणास्पद होती हैं। एक ऐसी ही कथा है सिहावा में माँ गंगा के पधारने की और फिर महानदी बनकर यहां से बह निकलने की। यह कथा ऋषि श्रृंगी के अनन्य शिष्य महानंद के बलिदान से जुड़ी है। श्रृंगी ऋषि के अनुष्ठानों से ही भगवान राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का जन्म हुआ था।












