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भिलाई। रूंगटा डेंटल कॉलेज के पीडोडांटिक्स विभाग द्वारा सीडीई प्रोग्राम का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रसिद्ध पीडोडांटिस्ट डॉ. नीरज गुगनानी ने डेंटल ट्रामा पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। दंत चिकित्सा के क्षेत्र में वर्तमान में डेंटल ट्रामा एंड अपडेट्स विषय को समझने के लिए अंचल के साथ ही पड़ोसी राज्यों के दंत चिकित्सकों ने भी भाग लिया। डॉ. गुगनानी ने इस बात पर जोर दिया कि चोटिल दांतो को यथासंभव बचाने का प्रयास करें, क्योंकि दूध के दांत भी बच्चे के स्थाई दांतों के लिए महत्वपूर्ण होते है। पूर्व के दशक में चोटिल दांतों के इलाज का एकमात्र विकल्प उन्हें निकालना होता था, किन्तु बीते सालों में नई तकनीकों के द्वारा ऐसे दांतो का सफल इलाज होने लगा है।

भिलाई। रूंगटा डेंटल कॉलेज के पीडोडांटिक्स विभाग द्वारा सीडीई प्रोग्राम का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रसिद्ध पीडोडांटिस्ट डॉ. नीरज गुगनानी ने डेंटल ट्रामा पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। दंत चिकित्सा के क्षेत्र में वर्तमान में डेंटल ट्रामा एंड अपडेट्स विषय को समझने के लिए अंचल के साथ ही पड़ोसी राज्यों के दंत चिकित्सकों ने भी भाग लिया। डॉ. गुगनानी ने इस बात पर जोर दिया कि चोटिल दांतो को यथासंभव बचाने का प्रयास करें, क्योंकि दूध के दांत भी बच्चे के स्थाई दांतों के लिए महत्वपूर्ण होते है। पूर्व के दशक में चोटिल दांतों के इलाज का एकमात्र विकल्प उन्हें निकालना होता था, किन्तु बीते सालों में नई तकनीकों के द्वारा ऐसे दांतो का सफल इलाज होने लगा है।

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