नई दिल्ली। मोदी सरकार ने अपने अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल के जरिए गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि देश के उच्चतम न्यायालय ने ‘बहुत बड़े अधिकार’ हासिल कर लिए हैं और यह ‘दुनिया का सबसे शक्तिशाली कोर्ट’ बन गया है। वेणुगोपाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने संविधान में पहले से दर्ज मौलिक अधिकारों में ‘कम से कम 30 नए अधिकार’ जोड़ दिए हैं। इस बात का कड़ा जवाब देते हुए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा, ‘इस अदालत के पास बहुत बड़े अधिकार तथ्य पर आधारित न्याय करने के लिए हैं। हमें हर मामले में संतुलन बनाना होता है। हमें पता है कि हम लक्ष्मण रेखा पार नहीं कर सकते हैं।’ वहीं जस्टिस डी वाई चंद्रचूड ने कहा कि ‘सामाजिक न्याय’ के मामलों में अदालत ‘अपनी आंखें बंद नहीं कर सकती है।’












