यदि मानव मानव नहीं बन पाया तो उसके वैज्ञानिक होने का भी समाज को कोई लाभ नहीं मिलने वाला। इसलिए जरूरी है कि मनुष्य को संस्कारी बनाया जाए। यदि मनुष्य वैज्ञानिक जीवनपद्धति अपनाएगा तो न केवल वह बेहतर जीवन जिएगा बल्कि उसकी क्षमताएं भी अपने उच्चतम स्तर को प्राप्त कर लेंगी। इससे घर-घर वैज्ञानिक पैदा करने का हमारा सपना भी सच हो जाएगा।












