हनुमानजी पर चोला चढ़ाने की बजाय उनका अनुसरण करे-मां मंदाकिनी
भिलाई। श्रीराम किंकर शिष्य परिवार भिलाई -दुर्ग द्वारा आयोजित रामकथा से पूर्व कथाकार मां मंदाकिनी श्रीराम किंकर ने कहा कि, प्रभु के अवतरण काल में घटित लीलाक्रम, चाहे किसी काल या स्थान विशेष में सम्पन्न हुई हो, उन समस्त जानकारियों का केवल वर्णन करना ‘कथा’ का उद्देश्य नहीं है। जिसे हम बोलचाल में रामकथा कहते है वस्तुत: वह ज्ञान यज्ञ है। हनुमान जी को सिर्फ चोला चढ़ाने की बजाय उनके चरित्र का अनुसरण करना चाहिए।












