भिलाई। पत्रकारिता का पेशा बेहद चुनौतिपूर्ण है। जैसे घटनाओं का कोई निर्धारित वक्त नहीं होता, उसी तरह पत्रकारों के काम के घंटे भी निश्चित नहीं होते। उसे कभी भी, कहीं भी भाग कर कहीं और पहुंचना होता है। सालों साल 24 घंटे अलर्ट पर रहने वाला पत्रकार लोगों की अच्छाइयों को उभारता है तो खामियों का उकेरने का साहस भी दिखाता है।












