जनता का भरोसा बनाए रखना, भारतीय अदालतों की सबसे बड़ी चुनौती
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मॉस्को में कहा
नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा है कि आज के समय में न्यायपालिका के सामने सबसे बड़ी चुनौती अदालत पर आम जनता का भरोसा बनाए रखना है। उन्होंने साफ किया कि इस चुनौती का एकमात्र समाधान जजों का ज्ञान, उनकी ईमानदारी और निष्पक्ष व तेजी से न्याय देने की उनकी प्रतिबद्धता है।

मॉस्को में भारतीय सुप्रीम कोर्ट और रूसी संघ के सुप्रीम कोर्ट के बीच एक बातचीत की शुरुआत करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने ये बातें कहीं। इस मौके पर रूस के सुप्रीम कोर्ट के चेयरमैन इगोर क्रास्नोव भी मौजूद थे।
सीजेआई सूर्यकांत ने बदलते दौर में तकनीक और एआई की भूमिका पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि तकनीक अदालतों का दायरा और उनकी पहुंच को बढ़ा सकती है, लेकिन न्याय की गुणवत्ता अंत में जजों की समझदारी, ईमानदारी और उनके समर्पण से ही तय होती है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि तकनीक न्याय देने में मदद तो कर सकती है, लेकिन यह कभी भी न्यायिक मूल्यों और जजों के फैसलों की जगह नहीं ले सकती।
मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि भारत में अदालतों को आम लोगों के लिए आसान, पारदर्शी और असरदार बनाने के लिए तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। भारत में अब सुविधाएं डिजिटल हो चुकी हैं। जैसे कि मामलों की ऑनलाइन फाइलिंग और डिजिटल केस मैनेजमेंट। अदालती दस्तावेजों का डिजिटलीकरण और ऑनलाइन उपलब्धता। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ऑनलाइन सुनवाई।
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