लद्दाख, मैनपाट की तरह कवर्धा की इस पहाड़ी पर भी होता है करिश्मा
कवर्धा. लद्दाख का मैग्नेटिक हिल पूरी दुनिया में मशहूर है. छत्तीसगढ़ के मैनपाट में भी एक स्थान है जहां पानी ऊपर की तरफ बहता है, गाड़ी को न्यूट्रल करके छोड़ … Read More
कवर्धा. लद्दाख का मैग्नेटिक हिल पूरी दुनिया में मशहूर है. छत्तीसगढ़ के मैनपाट में भी एक स्थान है जहां पानी ऊपर की तरफ बहता है, गाड़ी को न्यूट्रल करके छोड़ … Read More
प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त श्री हनुमान को सर्वशक्तिमान, शौर्य और पुरुषार्थ का प्रतीक माना जाता है. बाल ब्रह्मचारी श्री हनुमान की कभी किसी ने स्त्री रूप में कल्पना तक … Read More
रायगढ़. वनवास के दौरान जब सीता प्यास से व्याकुल हो उठी थी तो श्रीराम ने अपने तीर से पाताल को भेद कर पानी का सोता बहा दिया था. यह सोता … Read More
वैसे तो छत्तीसगढ़ का बस्तर दशहरा अपनी अनूठी परम्पराओं और लंबी अवधि के लिए विश्व प्रसिद्ध है, पर देवभोग की परम्परा भी कम रोचक नहीं है. गरियाबंद जिले के देवभोग … Read More
दंतेवाड़ा। दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में गीदम-बारसूर मार्ग पर फणी-नाग का मंदिर है। इस मंदिर की स्थापना नागवंशी राजाओं ने की थी। विशेष अवसरों पर यहां पूजा अर्चना करने … Read More
रायपुर। बिलासपुर के मदकूद्वीप, दुर्ग के तरीघाट, अंबिकापुर के महेशपुर और बलौदाबाजार के डमरू में मिली प्राचीन विरासत को सहेजने का प्रस्ताव पुरातत्व विभाग ने तैयार कर लिया है। इन … Read More
रायपुर। प्रभु श्रीराम ने अपने वनवास के दौरान 10 साल छत्तीसगढ़ में व्यतीत किये थे। कोरिया से सुकमा तक उनके यहां पदार्पण के प्रमाण बिखरे पड़े हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने … Read More
धमधा-बौद्ध। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की धमधा तहसील एवं ओडीशा के बौद्ध जिले के बीच एक अजीबोगरीब संबंध है। बात सन 1630 के आसपास है। उन दिनों बौद्ध में सिद्धभन्जदेव … Read More
खपरी, दुर्ग। देवसंस्कृति कालेज ऑफ एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों ने धमधागढ़ की प्राचीन धरोहरों का अवलोकन किया। 126 तालाबों के इस गढ़ का वैभवशाली इतिहास यहां के महामाया मंदिर … Read More
भिलाई। देवसंस्कृति कॉलेज ऑफ एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों ने द्वापर युग में स्थापित बानबरद विष्णु मंदिर एवं पापमोचन कुण्ड का भ्रमण किया। इस मंदिर का जीर्णोद्धार 16वीं-17वीं शताब्दी में … Read More
डोंगरगढ़। ईश्वर हमेशा प्रेमियों का साथ देते हैं। प्राचीन कामाख्या नगरी के दरबारी संगीतकार माधवानल और राजनर्तकी कामकंदला का मिलन कराने के लिए माता विमला यहां अवतरित हुईं थीं। उन्हें … Read More
कोरबा। छत्तीसगढ़ अंचल में अनेक किंवदंतियां प्रचलित हैं। इनमें अनेक असुरों के अंत की कथाएं हैं। इन्हीं में से एक कथा है भस्मासुर की। भस्मासुर ने जब अपने आराध्य शिवजी … Read More