धमधा के माटी शिल्पकार विष्णु ताम्रकार, असली नकली का फर्क करना मुश्किल
भिलाई/धमधा। 1960 के दशक तक जन्म लेने वाले बच्चों का बचपन मिट्टी के संस्पर्श में बीतता था। मिट्टी में लोटने से लेकर खोखो-कबड्डी और चिका जैसे खेल तो खेलते ही … Read More
भिलाई/धमधा। 1960 के दशक तक जन्म लेने वाले बच्चों का बचपन मिट्टी के संस्पर्श में बीतता था। मिट्टी में लोटने से लेकर खोखो-कबड्डी और चिका जैसे खेल तो खेलते ही … Read More
कांकेर (गीता श्रीवास्तव)। बचपन में हम सुना करते थे कि बस्तर के वनवासी बहुत गरीब हैं। भूख लगने पर लोग महआ का फूल उबाल कर खा लेते हैं। हमें लगता … Read More
कोरिया मोदक छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले की एक अभिनव और सफल स्वास्थ्य पहल है, जिसे गर्भवती महिलाओं और बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए शुरू किया गया है। यहां … Read More
कहावतों से लेकर चटोरेपन तक बैंगन हर जगह है। मुकुट जैसे अपने खास डंठल के कारण लोग इसे सब्जियों का राजा भी कहते हैं। बच्चे स्कूल में बैंगन की ड्राइंग … Read More
चित्र बनाना इंसान की प्राचीन फितरत है। जब वह बोलना नहीं सीखा था, तब इशारों और चित्रों से अपनी बात को रखता था। दीवारों, पत्थरों पर उकेरे गए ये चित्र … Read More
पिज्जा एक ऐसा व्यंजन है, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद है। हालांकि, बाजार में मिलने वाले पिज्जा मसाले में कई तरह की मिलावट होती हैं, जो … Read More
भिलाई (डॉ झलक परमार)। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को खाने-पीने का खास ध्यान रखना पड़ता है क्योंकि गर्भावस्था में बदलाव के लिए सही खाना जरूरी है। हालांकि, कुछ फल ऐसे … Read More
भिलाई (अलका दास)। होली पर सभी अपने अपने घर पर कुछ न कुछ तैयार करने में जुट जाते हैं। नमकीन और मीठी सलोनी, गुझिया जैसे पकवान पहले ही तैयार कर … Read More
बागेश्वर धाम।कथावाचक देवी चित्रलेखा और नेता-अभिनेता मनोज तिवारी की पत्नी सुरभि बागेश्वर धाम में 300 बेटियों के विवाह समारोह में साथ नजर आईं। उनके सादा- सिंपल रूप ने लोगों का … Read More
राजमा चावल पहाड़ों से लेकर उत्तर भारत तक में बेहद मशहूर है। यह न केवल एक स्वादिष्ट भोजन है बल्कि प्रोटीन से भरपूर होने के कारण मेहनतकश लोगों के लिए … Read More
भिलाई। स्मार्ट फोन आने के बाद आज हर किसी के हाथ में कैमरा है। इससे न केवल तस्वीरें खींचना आसान हो गया है बल्कि उसे लगे हाथ शेयर करना भी … Read More
भिलाई। लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप पर काम करना, गलत पॉश्चर में बैठना और तनाव भरी दिनचर्या शरीर को धीरे-धीरे थका देती है। ऐसे में गर्दन के दर्द, कंधों … Read More