संधान के तत्वावधान में डॉ भगवती के कहानी संग्रह 'राहगीर' का विमोचन

संधान के तत्वावधान में डॉ भगवती के कहानी संग्रह ‘राहगीर’ का विमोचन

भिलाई। संधान जन कल्याण समिति के तत्वावधान में बुधवार को साहित्यकार डॉ भगवती साहू के प्रथम कहानी संग्रह ‘राहगीर’ का विमोचन सिविक सेंटर स्थित भिलाई निवास कॉफी हाउस के सभागार में किया गया। विमोचन समारोह में साहित्य जगत की जानी-मानी हस्तियों, भाषाविदों और साहित्यप्रेमियों की उपस्थिति रही। समारोह में साहित्यकारों ने कहानी संग्रह के भाषा शिल्प और सौंदर्य, वैचारिक सरोकारों के साथ ही वर्तमान सामाजिक संदर्भों में उसकी प्रासंगिकता पर सार्थक विमर्श किया। समिति के सचिव एवं शिक्षाविद डॉ देवेंद्र नाथ शर्मा ने स्वागत भाषण में कहा कि किसी भी रचनाकार के लिए उसकी पहली कृति का विमोचन किसी उत्सव से कम नहीं होता। यह उसकी लेखन यात्रा के प्रमाणीकरण का महत्वपूर्ण क्षण होता है। डॉ भगवती साहू ने कहा कि ‘राहगीर’ में उन्होंने अपने आसपास की घटनाओं को शब्दों में पिरोने का प्रयास किया है। उन्हें विश्वास है कि संग्रह की कहानियां पाठकों के मर्म को अवश्य स्पर्श करेंगी।
वरिष्ठ साहित्यकार रवि श्रीवास्तव ने अध्यापन के साथ लेखन जारी रखने के लिए डॉ भगवती साहू के साहस की सराहना की। उन्होंने संग्रह की प्रथम कहानी ‘गुंजन’ की गूंगी पात्र तथा अंतिम कहानी ‘कल्पना के बदरंग चित्र’ की पात्र हिना के माध्यम से संग्रह की विविधता को रेखांकित किया। डॉ अम्बरीश त्रिपाठी ने कहानी संग्रह की भाषा-शैली और वाक्य विन्यास पर समीक्षात्मक टिप्पणी की। रचनाकार गुलबीर सिंह भाटिया ने कहा कि साहित्यिक समीक्षा केवल प्रशंसा पाने के लिए नहीं, बल्कि कुछ जानने और सीखने के लिए भी होती है। डॉ रमेश अनुपम ने मौजूदा सामाजिक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हिंसक हो रहे समाज में रचनाकारों की जिम्मेदारी बढ़ गई है । अपनी रचनाओं में समाज की विद्रूपताओं पर गंभीर प्रतिक्रियाओं को रचनाकारों शामिल करना चाहिए । वहीं डॉ अभिनेश सुराना ने कहा कि डॉ भगवती की कहानियों में ग्रामीण परिवेश और शहरी वातावरण का वास्तविक चित्रण देखने को मिलता है।कथाकार लोक बाबू ने प्रथम कहानी संग्रह के लिए डॉ भगवती साहू को बधाई दी ।
कार्यक्रम का संचालन कवि शरद कोकास ने किया। इस अवसर पर सभी अतिथियों एवं कथाकार डॉ भगवती साहू का शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ एवं कुंड पादप भेंटकर सम्मान किया गया। सुरेश सिंह परिहार ने कहानी संग्रह की कहानी ‘मेहनत की स्याही से लिखी जीवन की इबारत’ का प्रभावपूर्ण वाचन भी किया। समारोह में कवयित्री संतोष झांझी, व्यंग्यकार विनोद साव, लेखिका डॉ अंजना श्रीवास्तव, शायर मुमताज, बाल साहित्यकार कमलेश चंद्राकर, नाट्य निर्देशक विभाष उपाध्याय, विजय दिल्लीवार, शुचि भवि, डॉ अर्चना झा, टी सहदेव, दीपक दास, डॉ रूपमती साहू, शंभू राम साहू, डॉ मेघा साहू, नीलम जायसवाल और विनोद साहू समेत कई साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।

#Dr_Bhagwati_Sahu_Rahgir #Story_Collection

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *