‘टेस्ट, ट्रीट एंड टॉक’ से मजबूत हो एनीमिया मुक्त भारत अभियान
कवर्धा। कबीरधाम जिले में “एनीमिया मुक्त भारत” अभियान अब सिर्फ एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और एनआरएलएम की संयुक्त पहल से गांव-गांव की महिलाएं अपनी सेहत को लेकर जागरूक हो रही हैं, समय पर जांच और उपचार अपना रही हैं और एक स्वस्थ, आत्मविश्वासी जीवन की ओर कदम बढ़ा रही हैं।
जिले में एनीमिया की रोकथाम के लिए ‘टेस्ट, ट्रीट और टॉक’ रणनीति के तहत विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत मार्च और अप्रैल माह में महिला स्व-सहायता समूहों और संकुल कैडर को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस पहल की शुरुआत 18 मार्च को लोहारा विकासखंड के ओडियाकला संकुल से की गई, जो जिले के सभी विकासखंडों में क्रमशः जारी है। प्रशिक्षण सत्रों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा एनीमिया की पहचान, उसके लक्षण, महिलाओं के स्वास्थ्य पर उसके प्रभाव, जांच प्रक्रिया और उपचार की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। साथ ही सिकल सेल एनीमिया जैसे गंभीर विषयों पर भी सरल और समझने योग्य तरीके से मार्गदर्शन किया जा रहा है। महिलाओं को आयरन युक्त आहार, नियमित जांच और स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इस दौरान महिलाओं ने खुलकर अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं साझा कीं और समाधान के बारे में जाना। पहले जहां महिलाएं अपनी परेशानियों को नजरअंदाज कर देती थीं, अब वे स्वयं जागरूक होकर समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले रही हैं और अन्य महिलाओं को भी इसके लिए प्रेरित कर रही हैं। सामुदायिक भागीदारी से एनीमिया जैसी रोके जा सकने वाली बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। इस अभियान के माध्यम से न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और जागरूकता भी बढ़ रही है। अभियान का उद्देश्य है कि महिलाएं स्वस्थ और सशक्त हो, तभी समाज और आने वाली पीढ़ी का भविष्य भी बेहतर और मजबूत बनेगा।












