हाईटेक में एक ही दिन में कैंसर की तीन सर्जरियां, सभी खतरे से बाहर
भिलाई। हाईटेक सुपरस्पेशालिटी हॉस्पिटल में शुक्रवार का दिन कैंसर सर्जरी के नाम रहा। एक ही दिन में थॉयरायड, मुंह तथा बच्चेदानी की सर्जरी की गई। इनमें से दो कैंसर के पुष्ट मामले थे जिनमें से एक उच्च जोखिम वाला था। मुंह के कैंसर की सर्जरी जहां एनेस्थीसिया के लिए चुनौतीपूर्ण थी वहीं थायरॉयड का कैंसर फॉलीक्यूलर किस्म का था जिसे उच्च जोखिम वाला माना जाता है।
हाईटेक के निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ नरेश देशमुख ने बताया कि पहला मामला फॉलीक्यूलर थायरॉयड कैंसर का था। दूसरा मामला मुंह के कैंसर का था। 60 वर्षीय इस रोगी का मुंह बमुश्किल दो उंगल खुलता था। ऐसे मरीजों की सर्जरी के समय एयरवे को सुरक्षित और उपलब्ध रखना चुनौतीपूर्ण होता है। इसलिए रोगी को नाक के रास्ते से ऑक्सीजन देने का इंतजाम करना पड़ा। इसी तरह तीसरी मरीज एक लगभग 35 वर्षीय महिला थी। इनके गर्भाशय में एक बड़ी गांठ थी। गांठ को जांच के लिए भेजा गया है।
ईएनटी सर्जन डॉ अपूर्व वर्मा ने बताया कि लगभग 31 साल का युवक पिछले लगभग दो साल से तकलीफ में था। थायरॉयड की गांठ इतनी बड़ी हो गई थी कि ट्रैकिया अपनी जगह से हिल चुका था। यह समस्या थायराइड की फॉलिक्युलर कोशिकाओं में बदलाव के कारण होती है। समय पर इलाज कराने पर पूरी तरह ठीक हो सकता है। पर विलंब होने पर यह तेजी से मेटास्टाइज होता है और शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंचकर मृत्यु का कारण बनता है।
इसी तरह मुंह के छाले के मरीज का इलाज करने वाले मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ सन्नी सिकरवार ने बताया कि लगभग 60 वर्षीय इस रोगी के मुंह में एक बड़ा छाला था। वे कई महीनों से परेशान थे। जब भोजन करना अत्यंत कठिन हो गया तब वे अस्पताल पहुंचे। यह एक कैंसर था जो जबड़ों तक पहुंच चुका था। इस सर्जरी में मुंह का एक बड़ा हिस्सा गया तथा फ्लैप लगाया गया। इस सर्जरी तीन घंटे से भी अधिक समय लगा।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ अंजना चौधरी ने बताया कि 35 वर्षीय इस महिला को गर्भधारण करने में समस्या आ रही थी। जांच करने पर उसके गर्भाशय में एक गांठ मिली। वैसे गर्भाशय में गांठ का होना आम तौर पर बिनाइन होता है पर कैंसर की संभावना को पूरी तरह से नकारने के लिए गांठ की जांच करवाई जाती है। इस मामले में भी ऐसा ही किया गया।

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