गुस्ताखी माफ : सह अस्तित्व का सिद्धांत इसलिए जरूरी
कभी राजा अपने दलबल के साथ शिकार खेलने के लिए जंगल जाता था. अब भालू, हाथी, बाघ, तेंदुआ भोजन की तलाश में गांव आते हैं. हाथियों को गांव और खेत-खलिहान … Read More
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कभी राजा अपने दलबल के साथ शिकार खेलने के लिए जंगल जाता था. अब भालू, हाथी, बाघ, तेंदुआ भोजन की तलाश में गांव आते हैं. हाथियों को गांव और खेत-खलिहान … Read More
भिलाई। श्री शंकराचार्य महाविद्यालय द्वारा रेड क्रॉस दिवस पर रक्त दान के महत्व को समझाया गया. विद्यार्थियों को बताया गया कि रक्त दान द्वारा हम किसी के जीवन की रक्षा … Read More
भिलाई। कभी-कभी सामान्य से लगने वाले मरीज में भी इतनी जटिलताएं उभर आती हैं कि रोगी को चंगा कर घर भेजने में काफी वक्त लग जाता है. इस मरीज के … Read More
भिलाई। सेक्टर एक स्थित नेहरू सांस्कृतिक भवन में इप्टा की सालाना नाट्य शाला को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है. 1 मई को शुरू हुई यह नाट्यशाला 25 दिन तक चलेगी. … Read More
भिलाई का कला-साहित्य जगत हमेशा सक्रिय रहा है. जात्रा और थिएटर के इस शहर ने कई पड़ाव देखे हैं. इप्टा, इम्पा, ट्रिपल-एम की सक्रियता तो थी ही, साहित्य के क्षेत्र … Read More
ज्योतिष पीठ के प्रमुख शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गौ-संरक्षण को लेकर किए जा रहे काम की सराहना की है. पर उन्हें इस बात का भी दुःख है … Read More
5 मई को प्रसिद्ध जर्मन दार्शनिक और समाजशास्त्री कार्ल मार्क्स का जन्मदिन था. मार्क्स को हम मार्क्सवादियों के कारण जानते हैं. ऐसा माना जाता है कि मार्क्स पूंजीवाद के खिलाफ … Read More
देश में अच्छी सड़कें मौत का कारण बन रही हैं. शायद हम इसके लायक ही नहीं हैं. सड़कें अच्छी होती हैं तो हम तूफानी रफ्तार पकड़ लेते हैं. गाड़ियों में … Read More
भिलाई. एक 66 वर्षीय मरीज को गत दिनों गंभीर अवस्था में आरोग्यम सुपरस्पेशालिटी हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर लाया गया. मरीज को पेट में असहनीय दर्द था, दो दिन से पेशाब … Read More
शराब को लेकर देश की संवेदनशीलता कुछ अजीब सी है. शराब बड़ी पार्टियों की शान है. वहां महंगी से महंगी विदेशी शराब परोसी जाती है. नेता, अभिनेता, बिजनेसमैन, डाक्टर, इंजीनियर, … Read More
भिलाई। किसी हादसे का शिकार हो जाना वैसे ही कम पीड़ादायक नहीं है. इसपर यदि इलाज के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़े तो तकलीफ और बढ़ जाती है. पिछले … Read More
भारत ही क्यों, किसी भी देश में एक दूसरे के धुर विरोधी दो वर्ग हमेशा रहे हैं. एक वह जिसके पास सबकुछ है और दूसरा वह जिसके पास अपने जीवन … Read More