ERCP पद्धति से पित्त की नली से निकाली 3 सेमी की पथरी
भिलाई। पित्त की नली में पथरी का जाकर फंस जाना कोई नई बात नहीं है। पर जब पथरी इतनी बड़ी हो तो ताज्जुब तो होता ही है। हाइटेक सुपर स्पेशालिटी हॉस्पिटल के गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ आशीष देवांगन ने बताया कि यह उनके कम्पूर्ण करियर में सामने आई अब तक की सबसे बड़ी पथरी थी।
59 वर्षीय यह मरीज राजनांदगांव से पहुंचा था। उसे कुछ दिनों से पेट में असहनीय दर्द था। पीलिया भी बढ़ा हुआ था। जांच करने पर उनकी पित्त की नली में बड़ी सी पथरी दिखाई दी। पथरी का आकार लगभग 30 मिली मीटर गुणा 20 मिली मीटर था। पित्त की पथरी आम तौर पर पित्ताशय में ही प्रकट हो जाता है। उसे पित्त की थैली के साथ ही निकाल दिया जाता है। पर कभी कभी पथरी वहां से फिसलकर पित्त की नली में आ जाता है। बिना चीर फाड़ किए इसे एंडोस्कोप से निकाला जा सकता है। इस प्रक्रिया को ईआरसीपी कहा जाता है। इस मरीज के लिए भी ईआरसीपी की पद्धति अपनाई गई।
पथरी का आकार बहुत बड़ा होने के कारण उसे भीतर ही तोड़ा जाना बहुत जरूरी था ताकि उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में बिना नली को क्षति पहुंचाए निकाला जा सके।
डॉ आशीष देवांगन ने बताया कि काफी मशक्कत के बाद पथरी को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया। अब मरीज पूरी तरह ठीक है। पीलिया भी उतर चुका है। मरीज को एक दिन भर्ती रखने बाद ही छुट्टी दे दी जाएगी।
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