राष्ट्रीय लोक अदालत दु्र्ग : 792401 मामले निराकृत, अवार्ड राशि 52करोड़ से अधिक रही
दुर्ग। जिला न्यायालय एवं तहसील व्यवहार न्यायालय में वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसके तहत जिला न्यायालय दुर्ग, कुटुम्ब न्यायालय, दुर्ग, व्यवहार न्यायालय भिलाई-3, व्यवहार न्यायालय पाटन एवं व्यवहार न्यायालय धमधा, तथा किशोर न्याय बोर्ड दुर्ग, श्रम न्यायालय दुर्ग, स्थायी लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाऐं) दुर्ग, राजस्व न्यायालय दुर्ग, एवं उपभोक्ता फोरम दुर्ग में नेशनल लोक अदालत आयोजित की गयी।
नेशनल लोक अदालत में कुल 38 खण्डपीठ का गठन किया गया। परिवार न्यायालय दुर्ग हेतु 03 खण्डपीठ, जिला न्यायालय दुर्ग हेतु 29, तहसील व्यवहार न्यायालय भिलाई-3 में 01 खण्डपीठ, तहसील व्यवहार न्यायालय पाटन हेतु 02 खण्डपीठ, तहसील व्यवहार न्यायालय धमधा में 01 खण्डपीठ, किशोर न्याय बोर्ड हेतु 01 तथा स्थायी लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाऐं) दुर्ग के लिए 01 खण्डपीठ का गठन किया गया। इसके अतिरिक्त राजस्व न्यायालय में भी प्रकरण का निराकरण हेतु खण्डपीठ का गठन किया गया था।
वर्ष 2026 के द्वितीय नेशनल लोक अदालत में कुल 17906 न्यायालयीन प्रकरण तथा कुल 775129 प्री-लिटिगेशन प्रकरण निराकृत हुए जिनमें कुल समझौता राशि 521467009. 16 रूपये रहा। इनमें बैंक के प्रीलिटिगेशन के कुल 4971, विद्युत के कुल 2887 एवं दूरभाष के 355 मामले निराकृत हुए जिनमें कुल समझौता राशि लगभग 7078899/- रही है। इसी क्रम में लंबित निराकृत हुए प्रकरण में 511 दाण्डिक प्रकरण, क्लेम के 42 प्रकरण, पारिवारिक मामलें के 111 चेक अनादरण के 381 मामलें, व्यवहार वाद के 41 मामलें, श्रम न्यायालय के कुल 05 मामलें तथा स्थायी लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाएँ) दुर्ग के कुल 8118 मामलें निराकृत हुए। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के तहत एक आवेदक के पक्ष में 180000/- का अवार्ड पारित किया गया। धमकी देने के एक मामले में भूपेश कुमार बसंत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दुर्ग के खण्डपीठने उभयपक्ष को समझाईश देकर आपसी राजीनामा कर मामला समाप्त किया गया।
खंडपीठ क. 12 के पीठासीन अधिकारी भगवान दास पनिका न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग में प्रार्थी सागर के द्वारा भिलाई नगर में रिपोर्ट दर्ज कराया गया था जिसमें वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से निपटारा किया गया।
मामला खंडपीठ क. 15 के पीठासीन अधिकारी श्वेता पटेल न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग में पुरानी रंजिशवश रास्ता रोककर अश्लील गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी देने तथा हाथमुक्के से मारपीट करने के मामले में भी राजीनामा किया गया।
मामला खंडपीठ क. 15 के पीठासीन अधिकारी श्वेता पटेल न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग में प्री-सीटिंग के माध्यम से समझाईश दी गई। सार्थक संवाद एवं सुलह-सुझाव की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप उभयपक्ष द्वारा आपसी मतभेदों को भुलाकर आज नेशनल लोक अदालत में आपसी सहमति से विवाद का शांतिपूर्ण निराकरण कर मामला समाप्त किया गया।
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