बालिग होने में कुछ महीने थे बाकी, चाइल्ड हेल्प लाइन ने रोकी शादी
बीजापुर। कानून के पालन में कभी कभी स्थिति बड़ी हास्यास्पद हो जाती है। अक्षय तृतीया के दिन को भारत में विवाह के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसी उत्साह में कभी कभी ऐसी शादियां भी तय हो जाती हैं जिसमें बच्चों के बालिग होने में कुछ हफ्ते या महीने बाकी होते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ बीजापुर में। यहां सूचना पर चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम पहुंची और एक लड़की का विवाह रुकवा दिया। उसकी उम्र 17 साल 4 माह 28 दिन थी। बालिक होने में लगभग 7 माह बचे थे।
खबर के मुताबिक जिला बीजापुर के भैरमगढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम पिनकोंडा में संभावित बाल विवाह की सूचना मिलने पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर एक नाबालिग का विवाह रुकवाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पिनकोंडा, थाना मिरतुर क्षेत्र की 17 वर्ष 4 माह 28 दिन की एक बालिका के विवाह की तैयारियां चल रही थीं। सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग, भैरमगढ़ के सेक्टर पर्यवेक्षक, पुलिस थाना मिरतुर और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।
जांच के दौरान पंचनामा तैयार किया गया तथा बालिका और उसके परिजनों को बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया गया। बालिका की काउंसलिंग की गई और माता सहित अन्य परिजनों के बयान लिए गए। परिवार ने भविष्य में बाल विवाह न करने की शपथ भी ली।
इसके साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम सभा का आयोजन कर बाल विवाह रोकथाम पर व्यापक चर्चा की गई। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत बनाने का संकल्प लिया। इस महत्वपूर्ण कार्यवाही में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुन्ती पुनेम एवं इमला नायक, ग्राम सरपंच शांति मण्डावी, सचिव लक्षण कडती तथा पंचगण रामा ओयाम और बीजादूतीर की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही।
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