बारनवापारा बना गजराजों का नया बसेरा, हाथी मित्र दल की बड़ी सफलता

बारनवापारा बना गजराजों का नया बसेरा, हाथी मित्र दल की बड़ी सफलता

बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले का बारनवापारा अभयारण्य इन दिनों विशालकाय गजराजों का पसंदीदा ठिकाना बन गया है। घने जंगल, पर्याप्त भोजन, प्राकृतिक जलस्रोत और अनुकूल वातावरण के कारण एक दर्जन से अधिक हाथियों का दल पिछले कई महीनों से अभयारण्य और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगातार विचरण कर रहे हैं।

हाथियों की मौजूदगी कोठारी, तालदादर, नवागांव, अचानकपुर, चन्हाट, कैहकुड़ा, कंजिया, बिटकुली, मिर्गिदा और जोगीडीपा सहित कई गांवों तक बनी रहती है। ऐसे में वन विभाग और स्थानीय हाथी मित्र दल दिन-रात निगरानी कर ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे हैं।

हाथियों की लोकेशन मिलते ही हाथी मित्र दल व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से आसपास के गांवों को तुरंत अलर्ट करता है। वहीं कोटवारों द्वारा मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क किया जाता है, जिससे लोग जंगल या हाथियों के रास्ते में जाने से बच सकें।

वन विभाग की लगातार ट्रैकिंग, हाथी मित्र दल की सक्रियता और सायरन जैसी आधुनिक चेतावनी प्रणाली के कारण मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। समय रहते सूचना मिलने से कई संभावित हादसे टल रहे हैं और ग्रामीणों में भी जागरूकता बढ़ी है। वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए अभयारण्य में पर्यावरण अनुकूल जलकुंड (सॉसर) भी विकसित किए जा रहे है।

इससे हाथियों सहित अन्य वन्यजीवों को प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो रहा है। बारनवापारा अभयारण्य आज केवल वन्यजीवों का सुरक्षित आश्रय ही नहीं, बल्कि मानव और हाथियों के शांतिपूर्ण सहअस्तित्व का भी एक सफल उदाहरण बनता जा रहा है। वन विभाग, हाथी मित्र दल और ग्रामीणों की सामूहिक सतर्कता इस मॉडल को और मजबूत बना रही है।

#Barnawapara_Elephant_Haven

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *