दो महाद्वीपों का शिखर फतह, अभी पांच और बाकी : एवरेस्ट विजेता अमिता
जांजगीर चांपा। 22 मई को एवरेस्ट के शिखर पर तिरंगा फहराकर लौटी पर्वतारोही अमिता श्रीवास कहती हैं कि अभी तो सिर्फ दो महाद्वीपों के शिखर को फतह किया है। अभी पांच और महाद्वीप बाकी हैं। उल्लेखनीय है कि अमिता ने 2018 में पर्वतारोहण का प्रशिक्षण लेना शुरू किया था और कुछ ही सालों में उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्पट र फतह कर लिया। माउंट एवरेस्ट की चोटी 8848 मीटर की ऊंचाई पर है जो सभी पर्वतारोहियों का सपना होता है।

बता दें कि माउंट एवरेस्ट पर 22 मई को तिरंगा फहराने के बाद वापसी में अमिता श्रीवास की तबियत बिगड़ गई थी। उन्होंने हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू कर 24 मई को काठमांडू नेपाल के नॉर्विक इंटरनेशनल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। स्वस्थ होकर अमिता अपने घर लौटी। यहां लौटने पर मुख्यमंत्री, राज्यपाल एवं अन्य लोगों ने उनका सम्मान किया। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर चांपा में नगरवासियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया, सभी ने अमिता के साहस और धैर्य को सलाम किया।
अमिता श्रीवास ने साल 2018 में राजस्थान के माउंट आबू स्थित सरकारी संस्थान से रॉक क्लाइंबिंग का कोर्स किया। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। पर्वतारोहण के क्षेत्र में भी अन्य क्षेत्रों की तरह लिखित, मौखिक और प्रैक्टिकल परीक्षाएं होती हैं। इन सभी में बेहतर प्रदर्शन करने के बाद ही प्रमाणपत्र मिलता है।
प्रशिक्षण के दौरान अमिता ने पश्चिम सिक्किम और उत्तर सिक्किम के पर्वतीय क्षेत्रों में करीब 5500 मीटर की ऊंचाई तक चढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने उत्तराखंड की प्रसिद्ध चोटी यूटी कांगरी पर भी चढ़ाई की है। अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो, जिसकी ऊंचाई लगभग 5895 मीटर है, उसे भी सफलतापूर्वक फतह किया है। वही अमिता ने अब विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर ली है।
अमिता श्रीवास ने अपनी इस सफलता के लिए अपने परिवार, चांपा के लोगों के साथ जिला प्रशासन और राज्य सरकार का विशेष आभार जताया। उन्होंने कहा कि माउंट एवरेस्ट को फतह करने के दौरान उनके टीम के दो सदस्य ने अंतिम सांस लीं। ऐसी स्थिति को देखने के बाद अब अन्य पांच महाद्वीप की ऊंचाई को फतह करने के लिए अपनी तैंयारी को और भी अच्छा से करने का दावा किया।
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