खून की उल्टियां करता पहुंचा मरीज, हाइटेक में हुआ इलाज
भिलाई। एक मरीज की खून की उल्टियां करता हुआ हाइटेक सुपर स्पेशालिटी हॉस्पिटल पहुंचा। उसका रक्तचाप तेजी से गिर रहा था। जब उसे अस्पताल लाया गया तब उसका बीपी 70/50 था। रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा भी 5 तक गिर चुकी थी। मरीज का शराब पीने या किसी भी प्रकार का नशा करने का कोई इतिहास नहीं था।
गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ आशीष देवांगन ने बताया कि मरीज की हालत को देखते हुए उसे तत्काल आईसीयू में शिफ्ट किया गया। उल्टी फेफड़ों में न चली जाए, इसके लिए मरीज को तत्काल वेंटीलेटर पर डाला गया तथा खून चढ़ाना शुरू किया गया। मरीज के स्थिर होने पर उसकी एंडोस्कोपी की गई।
दरअसल मरीज काफी समय से मधुमेह से पीड़ित था। उसका लिवर में खाफी वसा इकट्ठा हो चुकी थी जिसके कारण लिवर सिरोसिस हो गया था। आहार नली की नसों में काफी ज्यादा सूजन थी जिससे खून रिस रहा था। खून के रिसाव को बंद करने के लिए तत्काल एंडोस्कोपिक बैंडिंग की गई। चार-पांच दिन आईसीयू में रहने के बाद मरीज बाहर आ गया तथा दो दिन बाद उसे छुट्टी दे दी गई।
डॉ देवांगन ने बताया कि लिवर सिरोसिस या फैटी लिवर जैसी स्थिति के लिए हमेशा शराब ही जिम्मेदार नहीं होता। मधुमेह (डायबिटीज), पैटी लिवर या बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ वजन भी इसका कारण हो सकता है। इसलिए कभी भी खांसी के साथ खून को छींटे आएं या खांसी ठीक न हो रही हो तो उसकी तत्काल जांच करवा लेनी चाहिए।
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