बालिग होने में अभी 2 माह थे शेष, "अक्ती" के चक्कर में पड़ गए

बालिग होने में अभी 2 माह थे शेष, “अक्ती” के चक्कर में पड़ गए

बलौदाबाजार। भाटापारा नगर पालिका क्षेत्र में 17 वर्षीय 10 माह की बालिका का विवाह होने की जानकारी मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम वहां पहुंच गई। एक और मामले में साढ़े 17 साल की लड़की की शादी रुकवा दी गई। छह महीने बाद वह 18 साल की हो जाएगी और तब कानूनन विवाह कर सकती है। (Pic credit – iPleaders.com)

कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम के द्वारा अक्षय तृतीया पर 19 एवं 20 अप्रैल को बाल विवाह की रोकथाम करने एवं समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक बाल विवाह के दूरगामी दुष्प्रभावों की जानकारी का प्रसार करने के लिए बलौदाबाजार भाटापारा एवं पलारी क्षेत्र का भ्रमण किया गया। इस दौरान 3 स्थानों पर बाल विवाह होने से रोका गया।

दो दिवसीय महाअभियान में जिला बाल संरक्षण इकाई के द्वारा कुल 75 मामलों में वर – वधु की आयु का परीक्षण किया गया। भाटापारा विकासखण्ड अंतर्गत एक ही परिवार  हो रहे दो विवाह में बालिका की आयु 17 वर्ष 6 माह एवं बालक की आयु 19 वर्ष 7 माह की पायी गयी। जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाईल्ड लाईन की टीम के द्वारा बालिका एवं बालिका के परिजनो का बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों के बारे में जानकारी प्रदान कर विवाह हेतु निर्धारित आयु पर ही विवाह करने की समझाईश दी गई।

इसी तरह भाटापारा नगर पालिका क्षेत्र में 17 वर्षीय 10 माह की बालिका का विवाह होने की जानकारी मिली थी। उक्त प्रकरण मे वार्ड पार्षद की उपस्थिति में दोना पक्षो को बाल विवाह से बालिकाओं पर पड़ने वाले शारीरिक, मानसिक दुष्परिणामों की जानकारी प्रदान की गई। बाल विवाह मुक्त जिला बनाए जाने हेतु सामाजिक सहयोग करने एवं बच्चो के सहायतार्थ आपात्कालीन हेल्पलाईन नंबर 1098 में सूचना देने का अनुरोध किया गया।

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