रायपुर। दोनों हाथ नहीं लेकिन दामिनी ने हिम्मत नहीं हारी और पैर से लिखकर पढ़ाई की। अब बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का लोगों बनाकर शिक्षा का संदेश दे रही है। दोनों हाथ नहीं होने के बावजूद दामिनी सेन पढ़ाई-लिखाई, पेंटिंग व घरेलू कार्य सहित हर कार्य को पैरों से कर लेती हैं। जन्म से ही दामिनी के हाथ नहीं हैं।












